छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा  

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छह मई से शुरू होगी प्रदेश व्यापी विकास यात्रा | छह चरणों में ढाई हजार किलोमीटर से ज्यादा लम्बा सफर तय करेंगे | आगे की यात्रा की जानकारी के लिए रूट मैप देखिये |



विकास की राह पर छत्तीसगढ़

लोकतंत्र में जनता के द्वारा निर्वाचित सरकार की जनता के बीच लगातार उपसिथति से ही विकास को गति मिलती है। छत्तीसगढ़ में डा. रमन सिंह के नेतृत्व में निर्वाचित सरकार वर्ष 2003 से लगातार जनता के बीच अपनी सार्थक उपसिथति के माध्यम से राज्य के विकास और जनता की बेहतरी के कार्यों को कामयाबी के मुकाम तक पहुंचा रही है।

तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी ने यहां की जनता से किए गए वायदे के अनुरूप नवम्बर 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर अपना वचन निभाया। दिसम्बर 2003 में नये राज्य की पहली विधानसभा के आम चुनाव में भारी बहुमत के साथ डा. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश की प्रथम निर्वाचित सरकार ने कार्यभार संभाला और एक नये उत्साह और नयी ऊर्जा के साथ नये राज्य की विकास यात्रा का एक नया दौर शुरू हुआ।







राज्य सरकार की प्राथमिकताएं


देश का पहला खाध सुरक्षा कानून छत्तीसगढ़ ने बनाया। विधानसभा के विगत शीतकालीन सत्र में 21 दिसम्बर 2012 को राज्य सरकार का यह विधेयक यह सर्वसम्मति से पारित किया गया। लगभग 50 लाख परिवारों को हम दे रहे हैं भरपेट भोजन के लिए सस्ते अनाज के कानूनी अधिकार की गारंटी। इनमें करीब 42 लाख परिवार अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के गरीब परिवारों के होंगे। वर्तमान में 34 लाख परिवारों को मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो अनाज और दो किलो नि:शुल्क नमक मिल रहा है।



विकास योजना



आवास क्रांति
राज्य निर्माण के प्रथम तीन वर्ष में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल का गठन ही नहीं हुआ था। वर्ष 2004 में रमन सरकार ने गृह निर्माण मण्डल की स्थापना की। अब तक 52 हजार से ज्यादा परिवारों को मकान। अटल आवास और अटल विहार योजनाओं का सुचारू संचालन।



नया रायपुर
प्रदेश की नयी राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग आठ हजार हेक्टेयर में 21वीं सदी के भारत का पहला सुव्यवसिथत शहर। नया रायपुर में मंत्रालय (महानदी भवन) में काम-काज शुरू। राज्योत्सव के कार्यक्रमों के तहत विगत छह नवम्बर 2012 को राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों लोकार्पित।



आदिवासी और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों का विकास
  • सरगुजा और बस्तर विकास प्राधिकरणों की स्थापना की गयी। अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण बनाया गया। सामान्य क्षेत्रों के लिए छत्तीसगढ़ रज्ञज्य ग्रामीण क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बुनियाद रखी गयी। बस्तर में मेडिकल कालेज खोला गया। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए बस्तर और सरगुजा विश्वविधालयों की स्थापना की गर्इ।
  • मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना - नक्सल हिंसा पीडि़त इलाकों के बच्चों को ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ार्इ के लिए राजधानी रायपुर में वर्ष 2010 में प्रयास आवासीय विधालय की स्थापना। वर्ष 2012 में इस विधालय के लगभग 151 विधार्थियों ने एआर्इ टि्रपल र्इ और आर्इआर्इटी जैसे संस्थानों की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की। सुदूर गांवों के बच्चों को मिली कामयाबी।
  • आदिवासी क्षेत्रों के 13 लाख परिवारों को नि:शुल्क सोलर लैम्प और 16 लाख 50 हजार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क सोलर स्टडी लैम्प देने की योजना शुरू की गयी है। यह योजना 85 आदिवासी विकासखण्डों सहित आर्इएपी जिलों के दस विकासखण्डों के लिए बनायी गयी है।
  • वन अधिकार मान्यता पत्रों का वितरण । अब तक दो लाख 40 हजार से ज्यादा परिवारों को अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं।
  • अनुसूचित जाति विकास - अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए भी अलग से प्राधिकरण बनाया गया।



अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
नया रायपुर में छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर लगभग 54 एकड़ के रकबे में करीब एक सौ करोड़ रूपए की लागत से विशाल स्टेडियम का निर्माण किया गया है, जहां पहली बार 28 अप्रैल 2013 और एक मर्इ 2013 को आर्इ.पी.एल. मैच आयोजित किए गए, जिसे पूरी दुनिया के लगभग 177 देशों में सीधे टेलीविजन प्रसारण के माध्यम से करोड़ों लोगों ने देखा। दुनिया भर में छत्तीसगढ़ और अमर शहीद वीर नारायण सिंह का नाम रौशन हुआ। प्रदेश में क्रिकेट के लिए एक उत्साहजनक वातावरण का निर्माण हुआ।



असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नयी पहल
  • भवन निर्माण गतिविधियों में रोजी-रोटी प्राप्त कर रहे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए पहली बार ठोस पहल। लगभग 42 प्रकार के कार्यो को चिन्हांकित कर लगे निर्माण श्रमिकों को 19 प्रमुख योजनाओं के दायरे में लाया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य स निनर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की स्थापना की गयी है। इसके अलावा अन्य छोटे व्यवसायों में लगे श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल भी बनाया गया है। दोनों संस्थाओं के माध्यम से लगभग नौ लाख श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य है। उनमें से महिला श्रमिकों नि:शुल्क सिलार्इ मशीन और नि:शुल्क सायकल, पु रूष श्रमिकों को नि:शुल्क औजार आदि का वितरण किया जा रहा है। उनके लिए बीमा योजना की शुरूआत की गयी है। उन्हें कामकाम में जोखिम से बचाने के लिए नि:शुल्क हेलमेट देने का भी निर्णय लिया गया है।
  • रेल कारिडोर परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने दिया देश को विकास का एक नया माडल दिया है।



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